Saturday, March 15, 2025
जीवन-कहानी
हम बच्चों को क्या कहानी सुनाए,असल में जीवन ख़ुद में एक कहानी है।हम कहाँ जन्में हैं,किस माहौल में हमारी परवरिश हो रही है,कैसा वातावरण है,परिवार के लोग कैसे हैं,उनका चरित्र कैसा है,वो हमें कैसे संस्कार दे रहे हैं,हमारे दोस्त कैसे हैं।। बचपन से अंत तक का सफ़ऱ औऱ उस सफ़ऱ के पड़ाव हमारे कर्म हमारी भाषा हमारी नज़र हमारी नियत,जीवन में कुछ भी तो भिन्न नहीँ है।जैसे-जैसे जीवन में हम आगे बड़ते हैं वैसे-वैसे हमारे बचनों के आधार पर हमारे कर्मों के आधार पर हमारे जीवन की कहानी आगे बड़ती रहती है। अब प्रकृति की गोद में हमें रहने का जो सौभाग्य प्राप्त हुआ है उसमें हम ख़ुद के स्वरूप को जितनी अच्छी तरह से उजागर कर के सबके सामने प्रस्तुत करें उतना ही हमारे जीवन का हर अध्याय का हर पन्ना एक नया इतिहास लिखेगा।हम अपने चरित्र को जैसे चाहे वैसे प्रस्तुत कर सकते हैं,परन्तु हम अक़्सर भटक जाते हैं। जीवन मरण की असल कहानी हमारे जिये प्रतिदिन के किये हमारे द्वारा कार्यों में ही निहित है।हमारा जीवन स्वम् एक कहानी है,क़िसी औऱ की कहानी पड़ने से अच्छा है कि हम अपने चरित्र को इतना सुंदर बनाएं कि औऱ लोग हमें पड़ें,हमें समझें,हमें जानें।हम अपनी जीवनी को एक सुंदर कहानी बनाकर समाज में एक मिसाल प्रस्तुत करें। अरिनास शर्मा,बिलारी।
Saturday, March 8, 2025
युद्ध-विराम
जय-सिमरन की आज शादी की पहली रात गुज़री है औऱ सुबह सिमरन का बुलावा आ गया,असल मे सिमरन फ़ौज में सैनिक है औऱ उसका पति सरकारी टीचर है।दोनों की अरेंज मैरिज है।अब चूकि फ़ौज की नोकरी है तो जाना तो पड़ेगा ही।सिमरन घर वालों से मिलकर अपनी ड्यूटी पर पहुँच जाती है।कमांडर दस सैनिकों को जो कि फ़ोर्स के सबसे जांबाज सैनिक हैं उन्हें एक गुप्त मिशन पर भेजने की तैयारी करता है।सिमरन के साथ ट्रेनिग लिये अन्य साथी जिनमें विजय,करण,अभय,जीत,सरदार अमरजीत,सुरेंद्र,भानू,प्रिया,काजल बैठे हँसी-मज़ाक करते हुए अपनी छुट्टियों के बारे में बताते हैं। विजय जनता है कि सिमरन की अभी-अभी शादी हुई है बाबजूद इसके वो अपने पहले प्यार सिमरन की ओर आकर्षित रहता है।सिमरन भी जानती है कि विजय उससे प्यार करता है पर अब उसकी शादी हो चुकि है तो वो उसे नजरअंदाज करने की कोशिश करती रहती है।पाकिस्तान बॉडर पर कुछ ख़तरनाक आतंकवादी छुपे होने की सूचना मिलती है।फ़ौज ख़ुफ़िया तरीक़े से उन्हें उनके अंजाम तक पहुँचाना चाहती है साथ ही कोशिश होती है कि कोई भी नागरिक इस ऑपरेशन की चपेट में न आये।कमांडर टुकड़ी को रवाना कर देता है।अन्य अधिकारी कंट्रोर रूम से उनसे सम्पर्क बनाये ऱखते हैं। आतंकवादियों को भी इस होने वाले हमले की भनक लग जाती है।वो भी अपना जाल बिछा देते हैं।कमांडर लोकल पुलिस को अपने गुप्त मिशन की जानकारी देते हुए उन्हें सतर्क कर देता है औऱ फौजियों का सहयोग करने का ऑर्डर देता है।लोकल पुलिस औऱ सारे फ़ौजी पूरे इलाके को घेर लेते हैं।दोनों तरफ से हमला शुरू हो जाता है,कई आतंकी मारे जाते हैं कुछ पुलिस वाले भी घायल होते हैं, मग़र आतंकी सिमरन औऱ विजय को घेर कर पकड़ लेते हैं औऱ अपने साथ ले जाते हैं।मिशन पूरी तरह क़ामयाब नहीँ हुआ औऱ दो फ़ौजी भी उनकी गिरफ़्त में आ जाते हैं, आतंकी उन्हें बॉडर पार पाकिस्तान के अपने अड्डे पर ले जाकर कैद कर लेते हैं। इधर कमांडर अपने बचे फ़ौजियों के साथ एक नई टुकड़ी को बनाकर सिमरन औऱ विजय को बॉडर पार से लाने की योजना बनाते हैं।सिमरन के घर वाले भी इस खबर से परेशान हैं।उधर आतंकी दोनों को टॉर्चर करते हैं।सिमरन विजय से कहती है कि वो अब ज़िन्दा नहीँ बचेंगे मग़र विजय कहता है कि जब तक वो ज़िन्दा है तब तक वो कोई न कोई तरीका जरूर निकाल लेगा।विजय कोशिश करके अपनी रस्सियों को खोल लेता है फ़िर आतंकी के आने से पहले सिमरन को ले कर वहाँ से बचता हुआ जँगल में छुप जाता है।जाते-जाते वो दोनों वहाँ से उनके कुछ गन ले लेते हैं। भूखे होने के कारण विजय कुछ खाने के लिए जंगली फल ले आता है।उधर कैम्प में जब दोनों नहीँ मिलते हैं तो आतंकी उन्हें तलाशने टुकड़ो में बट जाते हैं।विजय औऱ सिमरन एक गुफ़ा में छुप जाते हैं।तेज़ बारिश होने लगती है।सिमरन ठंड से काँपने लगती है।विजय अपनी जैकिट उसे पहना देता है औऱ ख़ुद गन लेकर पहरा देने लगता है।सिमरन जब ठंड से सुकड़ कर बैठे विजय को देखती हो तो वो उससे चिपट कर बैठ जाती है।विजय उसकी तरफ देखता है तो सिमरन मुस्कुरा देती है।दोनों एक दूसरे के बेहद करीब आ जाते हैं औऱ उस रात एक दूसरे के हो जाते हैं।दोनों प्यार में इस क़दर खो जाते हैं कि उन्हें पता ही नही चलता है कि आतंकी उनको खोजते हुए कितने करीब आ जाते हैं। दोनों तरफ से फ़ायरिंफ होती है,एक गोली विजय के हाथ मे लग जाती है पर किसी तरह वो दोनों वहाँ से बच निकलते हैं।दूसरी तरफ कमांडर अपने फ़ौजियों को बचाने के लिए नई टुकड़ी भेज देता है।विजय औऱ सिमरन बचते हुए भारत बॉडर की तरफ भागते हैं, एक गोली फिर से उसके पैर में लगती है औऱ वो गिर जाता है,सिमरन अपनी गन से दुश्मनों पर गोलियों की बौछार कर देती है,ऊपर से भारतीये सैनिक हवाई हमला बोल देते हैं।आतंकी ढेर हो जाते हैं।सिमरन विजय को सहारा देखा बॉडर पार ले आती है।अपने साथियों से मिल कर ख़ुशी से रोने लगते हैं, मग़र खतरा अभी टला नहीँ था पाकिस्तानी फौजी आ धमकते हैं मगर वो भारत के सिपाहियों से परिचित नहीँ थे।सिमरन औऱ विजय ने घायल होने के बाबजूद अपने साथियों के साथ पाकिस्तानी फौज के छक्के छुड़ा दिए,औऱ सकुशल अपने बेस केम्प पर वापिस आकर अपने कमांडर को सेल्यूट मारते हैं।। विजय मिलेट्री अस्पताल में भर्ती हो जाता है।सिमरन उससे मिलने अस्पताल आती है।सिमरन विजय से पूछती है कि क्या वो उससे शादी करेगा?विनय तुरन्त हाँ कर देता है औऱ पूछता है कि तुम तो पहले से ही शादीशुदा हो फिर कैसे?सिमरन बताती है कि उसके घर वालो ने उसकी मर्जी के खिलाफ ये शादी की थी।अब में समझ गई हूँ कि मेरा सच्चा प्यार तो तुम ही हो।मैं जल्द ही अपने पति से तलाक ले लूंगी।औऱ ऐसा ही होता है।दोनों जल्द ही शादी कर लेते हैं औऱ अपने हनीमून पर निकल जाते हैं।यही कहानी का अंत है। कहानी के पात्र घटनाएं साथ नाम सभी काल्पनिक हैं इसका किसी घटना या स्थान से कोई सम्बन्ध नहीँ है।जिसके लिए लेखक जिम्मेदार नहीँ है। अरिनास शर्मा,बिलारी
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