Monday, April 28, 2025
पहलगाम
पहलगाम की सुंदर घाटी सैलानियों से भरी अपने सौन्दर्यता को दर्शाती औऱ दूर-दूर से आये सैलानियों के मन मोहती सब के ह्रदय में अपार ख़ुशी भरती हुई अपने पूरे यौवन पर इतराती हुई हँसे जा रही थी कि दूर क़िसी शैतान प्रवति के अनेक आतंकवादियों को चुभ रही थी।ख़ुशी के कुछ पल बीते ही थे कि अचानक काले बादलों का अर्थात शैतानों का आगवन हो गया।लोगों का धर्म पूछ-पूछ कर गोलियां मारनी शुरू कर दीं, देखते ही देखते हँसी-ख़ुशी की जगह चीख़-पुकार मच गई,आसमान भी ये देखकर हैरान हो गया कि जहाँ कुछ पल पहले वादी में रौनक ही रौनक थी अब जगह-जगह लाशें बिख़री पड़ी थीं।एक नव बधू अपने पति की लाश के सिरहाने बैठी न जाने कहाँ खो गई थी,कोई अपने पति को तो कोई अपने पिता को तो कोई अपने बेटे की लाश को बेसुध निहारे जा रहा था।हर तरफ अफरा-तफ़री का माहौल था,हाल ये था कि आतंकवादी तो अपना मक़सद पूरा कर के भाग गये थे,अब जो भारत के सैनिक बचाने आये थे उन्हें देखकर सैलानी रोने औऱ जान की भीख माँगने लगे थे,औऱ सैनिक उन्हें भरोसा दिला रहे थे कि वो भरतीय सैनिक हैं उन्हें बचाने आये हैं।हुआ ये था कि आतंकवादी भी सेना की ड्रैस पहनकर आये थे,इस लिए उन्हें देखकर सभी औऱ ज्यादा घबरा गए थे।देखते ही देखते पूरा देश सकते में आ गया,क़िसी ने भी ऐसी भीभत्स घटना की कल्पना भी नही की थी।पूरा देश दर्द औऱ क्रोध से भर गया।जल्द ही पूरी दुनियाँ इस हमले से अवगत हो चुकि थी।सभी आश्चर्यचकित थे कि पाकिस्तानी आतंकवादियों ने ये क्या कर दिया।पूरी दुनियाँ पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक सुर में खड़ी हो गई,औऱ अब सभी की ज़ुबान पर एक ही बात थी,बदला।आज पूरा देश पूरी दुनियाँ सिर्फ़ इस इंतज़ार में बैठी है कि भारत कब औऱ कैसे बदला लेता है।अब बहुत हो चुका है।हमने अपने बहुत से सैनिक बहुत से नागरिक इन आतंकीयों द्वारा मरते हुए देखे हैं औऱ निरन्तर ऐसा हो रहा है।हर बार सरकार अस्वासन देकर या छोटी-मोटी कार्यवाह कर के शांत कर देती थी।अब हमें इन दुशमन से अंतिम युद्ध करना है।जब-तक ये दुश्मन मिट्टी में नहीँ मिला दिए जाते,क़िसी को चैन नहीँ आयेगा।अब ये भारत की नहीँ बल्कि पूरी दुनियाँ की आवाज़ है।मोदी जी को कठोर से कठोर कदम उठाना ही पड़ेगा।बस हमे इंतज़ार है उस दिन का जब देश का बदला पूरा होगा। अरिनास शर्मा,बिलारी। 29-4-2025
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