किसको पता था,की ऐसा भी एक समय आएगा,हम अपने ही परिवार के लोगो से मिलना तो चाहेंगे परन्तु पास जाने की अनुमति नहीं होगी।कोरोना महामारी ने सभी को कैद कर के रख दिया।आज वन जीव बाहर ओर आदमी अंदर हो गए हैं।समय को देखते हुए अब यही जरूरी भी है कि हम अपने लिए ,अपनों के लिए घर में ही रहें।यही सब के लिए बेहतर है।धैर्य बनाये रखो।डर और झरे हमेशा नहीं रहतीं।ये दिन भी बीत जायेगें।घर मे रहे तो आने वाले दिन भी देख लेंगे,घूमें तो कहीं और ही नजर आएंगे।तस्वीर में,समझे।
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