Tuesday, December 31, 2019
रफ्तार
रफ्तार तेज ही रखना पर इतनी तेज मत रखना की अपने न छूट जाएं क्योकि आगे निकल कर अक्सर लोग अपनों को ही भूल जाते हैं।सफलता तभी सफल है जब अपने साथ हों,मगर कुछ लोग सफल होने के बाद अकेले रहना ही सही समझते हैं।क्या कोई सफल होकर ओर अपनों को अलग करके खुश रह सकता है?पैसा कितना भी कमालों पर अपनों से प्यार करना मत भूलो ।हमारा असली धन हमारे अपने ही होते हैं।इन्हें पहचानों ओर इन से प्यार करो फिर आगे रफ्तार तेज करो तभी सफलता का असली आनंद आयगा।
Monday, December 30, 2019
हीरो
हीरो वो नहीं जो पर्दे पर आए ,हीरो वो जो जवान के रूप में सीमा पर तैनात रहे,हीरो वो पत्रकार जो सच्चाई समाज के सामने रखे,हीरो वो किसान जो देश के लिये अनाज उगाये,हीरो वो सफाई कर्मचारी जो गटर साफ करके नगर साफ रखें,हीरो वो बिजनिस मैन जो देश की अर्थ व्यवस्था सुधार दे,हीरो वो हर व्यक्ति जो देश की तरक्की में अपना योगदान दे।हमारे प्रधानमंती देश के सबसे बड़े हीरो जिन्होंने देश को सबसे आगे कर दिया है।पूरे देश को ऐसे ही प्रधानमंत्री की जरूरत है।हीरो बनो तो देश के लिए,जियो तो देश के लिए,मरो तो देश के लिये।जय हिंद ।
Friday, December 20, 2019
अधूरा ज्ञान
आज कल सड़कों पर हिंसा का नंगा नाच हो रहा है।इसके दो ही कारण हैं,पहला अधूरा ज्ञान और दूसरा देश को तोड़ने वाली गंदी राजनीति।हमारे देश में ज्यादा जनसंख्या ओर शिक्षा का कम होना भी एक बड़ा कारण है।कुछ नेता देश को एक तरफ रखकर गंदी राजनीति कर रहे हैं तो कुछ नेता देश की खातिर अपनी कुर्सी तक दाव पर लगाने से नहीं चूक रहे हैं।अपने फायदे के लिये भोली भाली जनता को तो नरक में मत धकेलो।जिस देश में छात्रों को किताबों की जगह बन्दूक थमा दी जाती है उस देश का भविष्य अंधेरे में डूब जाता है।अब भी वक्त है नेताओं सुधर जाओ।कहीं ऐसा न हो कि कल को तुम्हारे बच्चे सड़कों पर खून की होली खेलते मिलें।
Wednesday, December 18, 2019
पर्वत
पर्वत उचाईयों के बाद भी हमारे लिये पिघल जाते हैं।पर हम लोग उचाई पर जाकर अपनो को ही भूल जाते हैं।जो समझते हैं कि हमारे बराबर अब कोई नहीं वो अक्सर भीड़ में भी अकेले रह जाते हैं।एहसास उन्हें तब होता है अकेलेपन का जब परेशानी में अपने नज़र नहीं आते हैं।तब उनके पास आँसू होते है मगर वो भी नीचे गिर कर धूल में मिल जाते हैं।ऊँचा उठना पर्वतों से सीखो ओर पिघलना भी पर्वतो से सीखो।पर्वत हमें कुछ सीखा जाते हैं और हमारे अपने हमे एक दूसरे की नज़रों में ही गिरा जाते हैं।
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