Thursday, December 8, 2022

लघु कथा 3

एक दिन एक परिवार एक पिल्ला घर ले आये,औऱ प्यार से पालने लगे।जब वो बड़ा हुआ तो आने-जानें वालों पर भौकना शुरू कर दिया।कभी छत से तो कभी नीचे लॉबी से,जो भी घर के क़रीब से गुज़रता वो भौकने लगता।आस-पड़ोस के लोगों ने शिक़ायत करनी शुरू कर दी,घर वाले भी उसके इस व्यवहार से परेशान हो गये।एक दिन उन्होंने अपने कुत्ते को छोड़ने का फ़ैसला किया,औऱ शाम को शहर से दूर छोड़ आये।बड़ी शांति से रात बीती परन्तु एक दिन सुबह को जब उन्होंने फ़ाटक खोला तो उनका कुत्ता बाहर मरा मिला।उन्होंने उसका अंतिम सस्कार तो कर दिया मग़र उसकी मौत का कारण न जान पाये औऱ न ही ये समझ पाये कि इतनी दूर से वो वापिस कैसे आया।या तो कुत्ता पालो मत या पालने से पहले उसके व्यवहार औऱ उससे उतपन्न होने वाली सभी परेशानियों का सामना करने के लिये तैयार रहो।बे-ज़ुबान में भी जान होती है।उनको भी परिवार से बिछड़ने का ग़म होता है।अरिनास शर्मा।

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