Sunday, July 6, 2025
नाईट डयूटी
बिजय ने रिटायर होने की उम्र में एक मॉल के पार्किंग में वॉचमैन की नाईट डयूटी कर ली है,वो बच्चों पर निर्भर न रह कर इस उम्र में भी कुछ काम करते रहना चाहता है।विजय घर से लंच बॉक्स ले कर काम पर निकल जाता है। दूसरी तरफ़ शहर का नामी बदमाश रणवीर अपने साथियों के साथ मिलकर बड़ी डकैती का प्लान कर रहा है।असल मे जिस पार्किंग में विजय वॉचमैन की जॉब करता है,उसी के बेसमेंट में मालिकों की एक बड़ी तिज़ोरी है,जिसमें सौ करोड़ कैश औऱ डायमंड रखे हैं।जब से यह जानकारी रणवीर को लगी है वो इसे उड़ाने की प्लांनिग कर रहा है। विजय जब डयूटी पर पहुँचता है तो अंजली पार्किंग में पहुँच चुकि होती है।आज वियय औऱ अंजली की ड्यूटी लगी है।अंजली तलाक़ शुदा है।विजय औऱ अंजली के पास अपनी प्राइवेट पिस्टल है।दोनों सभी गेट चैक करते हैं।सभी को लॉक कर के अपने सर्विस रूम में आकर टी वी पर चैक करते हैं। अंजली"चलो अब लंच कर लेते हैं।"विजय अपने बैग से टिफ़िन निकाल कर मेज़ पर रख़ता है।अंजली"आज क्या बनाकर लाये हो।"असल में विजय की पत्नी का देहांत हो चुका है औऱ वो अकेला ही रहता है।विजय"वही पुरानी आसान डिश खिचड़ी"अंजली"हँसते हुए लो आज तुम मेरा खाना खा कर देख़ो औऱ मैं तुम्हारी डिश चखती हूँ।"तभी गेट पर आवाज़ होती है।दोनों चोंक जाते हैं।विजय"मैं देखकर आता हूँ तुम स्क्रीन पर नज़र रखो।" विजय गेट पर पहुँचता है तो वहाँ कुछ गाड़ियां औऱ लोगो को देखता है।एक आदमी चैनल के पास आकर विजय से गेट खोलने को कहता है।विजय कहता है कि रात में गेट खोलने की परमीशन नहीँ है।तभी वो आदमी चैनल का ताला तोड़ने की कोशिश करने लगता है।विजय उन्हें सावधान करता है।विजय अपने बॉस को काल करके बताता है।बाहर तूफ़ानी बारिश आई है।बॉस बताता है कि बैकप भेजने में देरी हो जाएगी तुम जब तक सम्भालो।तूफ़ानी बारिश के कारण पुलिस भी जल्दी नहीँ पहुँच सकती है।। तिज़ोरी की जिम्मेदारी विजय औऱ अंजली पर आ जाती है।बदमाश क़िसी तरह ताले तोड़ कर अंदर पहुँच जाते हैं।अब बदमाशों औऱ विजय-अंजली के बीच लंबी जंग छिड़ जाती है।विजय औऱ अंजली दोनों बुरी तरह घायल हो जाते हैं लेकिन तिज़ोरी लूटने नहीँ देते हैं।रात भर लुका-छुपी औऱ घमासान लड़ाई होती है। सुबह होते-होते सभी बदमाश मारे जाते हैं।जब तक पुलिस आती है तब तक सब तरफ़ शांति हो जाती है।पुलिस चीफ़ दोनोँ की बहादुरी के लिए शाबासी देता है।विजय औऱ अंजली इस लड़ाई में एक दूसरे के करीब आ जाते हैं।दोनोँ अब एक साथ रहने लगते हैं। यही कहानी का अंत है।। कहानी के पात्र व घटना काल्पनिक है।इसका क़िसी घटना या स्थान से कोई सम्बन्ध नहीँ है।। लेख़क। अरिनास शर्मा ।
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